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सीट बैल्‍ट


सीट बैल्‍ट पहनना सड़क यातायात के महत्‍वपूर्ण सुरक्षा उपायों में से एक है, जो सड़क दुर्घटनाओं के समय चोटों की गंभीरता को कम करने में सहायक होता है । विश्‍वभर में यातायात से होने वाली कुल मौतों में से 12 प्रतिशत मौतें भारत में होती हैं । मृत्‍यु और चोटों की सूची में सड़क दुर्घटनाएं शीर्ष पर हैं और इसी कारण यह क्षेत्र स्‍वास्‍थ्‍य संकट क्षेत्र बन गया है ।


गाड़ी चलाते समय या कार में यात्रा करते समय सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग जैसे सीट बैल्‍ट आदि पहनने से किसी गम्‍भीर दुर्घटना की स्थिति में जीवित बचने की सम्‍भावना दुगुनी हो जाती है । वाहन चलाते समय सीट बैल्‍ट के प्रयोग से दुर्घटना के समय गाडी में बैठे यात्रियों की मृत्‍यु की सम्‍भावना 50 प्रतिशत तक कम हो जाती है ।


चौपहिया वाहनों में सीट बैल्‍ट का प्रयोग अब सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य है और सीट बैल्‍ट पहने बिना वाहन चलाने पर दंड का भुगतान करना पड़ता है । अनुसंधान से पता चला है कि वाहन की पिछली सीट पर बैठे यात्री भी दुर्घटना के दौरान उतने ही असुरक्षित हैं जितने की आगे की सीट में बैठे यात्री हाते हैं । अत: यात्रा के दौरान पीछे बैठे यात्रियों की सुरक्षा भी आवश्‍यक है ।


दुर्घटनाओं के दौरान सीट बैल्‍ट से चोटों की गम्‍भीरता को कम करने के प्रमाणित अध्‍ययनों के पश्‍चात सीट बेल्‍ट को पहनना कानून के अन्‍तर्गत लाया गया है । वाहनों में टक्‍कर लगने की स्थ्‍िति में सीट बैल्‍ट यात्रियों को टक्‍कर के प्रभाव से अचानक लगने वाले झटके से रक्षा प्रदान करती है तथा यात्री को वाहन से बाहर गिरने से बचाती है । सीट बैल्‍ट के प्रभाव के पीछे महत्‍वपूर्ण सिद्धान्‍त यह है कि गति में परिवर्तन के समय को बढ़ा देती है और इस प्रकार उस बल को कम कर देती है जो शरीर पर प्रभाव डालता है ।

बच्‍चों के लिए सीट बैल्‍ट

  • यह सुनिश्चित करें कि जो बच्‍चे सीट बैल्‍ट का प्रयोग नहीं कर सकते हैं उन्‍हें उचित शिशु कार सीट या बूस्‍टर सीट में सुरक्षित रूप से बैठाएं ।
  • अनुसंधान से पता चला है कि 13 वर्ष से कम आयु के बच्‍चे सक्रीय एयरबैग से दूर मोटर वाहन की पिछली सीट पर अधिक सुरक्षित होते हैं ।
  • शीघ्र ही भारत में बिकने वाले सभी यात्री मोटर वाहनों में शिशु बचाव प्रणाली( Child Restrain System & CRS) लगाए जाने का प्रावधान होगा । सीएसआर 5- बिन्‍दु हार्नेस है । सीएसआर में बच्‍चे के कंधों और पैरों पर फीते लगे होंगे जो टक्‍कर या दुर्घटना की स्थिति में बच्‍चे को बेहतर सुरक्षा प्रदान करेंगे । सीएसआर हार्नेस बच्‍चे के सीट के साथ आता है जो सदैव पिछली सीट पर लगाया जाता है ताकि बच्‍चे के सामन एयर बैग न हों ।

गर्भवती महिलाओं के लिए सीट बैल्‍ट

  • यदि आप गर्भवती हैं, तो भी आपका सीट बैल्‍ट पहननी चाहिए ।
  • पैरों और कंधों दोनों पर ही बैल्‍ट को पहनें ।
  • अपनी सीट को सीधा रखें और जहॉ तक सम्‍भव हो सीधा ही बैठें, झुकी हुई अवस्‍था में दुर्घटना होने पर बैल्‍ट से गर्भाशय के दबने की सम्‍भावना रहती है ।
  • लेप बैल्‍ट को नीचे की ओर लगाएं ताकि वह आपके श्रेणी/ कूल्‍हे की हड्डी के नीच आए और पेट के ऊपर न आए ।
  • कभी भी बैल्‍ट को अपने पेट पर या उसके ऊपर न लगाए । दुर्घटना या टक्‍कर के समय, इस स्थिति में बैल्‍ट के कारण अचानक लगने वाला झटका आपके गर्भनाल को चोट पहुंचा सकता है ।
  • स्‍वयं को तथा भ्रूण को चोटों से बचाने के लिए सीट बैल्‍ट को सही प्रकार से लगाएं ।
  • यदि आप वाहन चला रहे हैं ( सामान्‍यत: गर्भावस्‍था में ऐसा नहीं करना चाहिए ) तो सीट को इस प्रकार एडजेस्‍ट करें कि आप स्‍टेयरिंग से पर्याप्‍त दूरी पर तथा आरामदायक स्थिति में बैठ सकें । यदि स्‍टेयरिंग व्‍हील को समायोजित किया जा सकता है तो, उसे अपने पेट से दूर ऊपर की ओर कर लें । इससे स्थिति उत्‍पन्‍न होने पर एयर बैग आपके पेट के स्‍थान पर आपकी छाती की ओर खुलेगा ।

क्‍या करें और क्‍या न करें

  • मोटर वाहन के चालाकों तथा यात्रियों को सीट बैल्‍ट का प्रयोग अवश्‍य करना चाहिए ।
  • सीट बैल्‍ट सही प्रकार से समायोजित होनी चाहिए तथा उसे सुरक्षित रूप से पहनना चाहिए ।
  • यदि आपने सही ढंग से सीट बैल्‍ट लगाई है तो दुर्घटना की स्थिति में आपके बचने की सम्‍भावना बहुत ज्‍यादा होती है ।
  • सीट बैल्‍ट इस प्रकार लगाएं कि वह आपके सीने और निचले कुल्‍हे से गुजरती हुई जाए- शरीर के ये भाग अचानक लगने वाले झटके के बल को बेहतर रूप से सहन कर पाते हैं ।
  • सुनिश्चित कर लें कि आपके वाहन के प्रत्‍येक व्‍यक्ति के लिए एक सुचारू सीट बैल्‍ट उपलब्‍ध हो ।
  • कार के स्‍वामियों तथा टैक्‍सी ड्राइवरों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके वाहन की सीट बैल्‍ट ठीक से काम करने की अवस्‍था में हों ।
  • सीट बैल्‍ट को इस प्रकार न पहनें कि उसका कोई भाग मुड़ा हुआ हो- मुड़े होने के कारण सीट बैल्‍ट दुर्घटना के समय लगने वाले झटके से आपके शरीर को सुरक्षा प्रदान नहीं कर पाएगी ।
  • शोल्‍डर फीतो को पहने, हाथ के नीचे या पीठ के पीछे न रखें ।
  • सीट ब्‍बैल्‍टों को कार एयर बैगों से प्रतिस्‍थापित न करें । वे दुर्घटना के समय आपको कार से बाहर गिरने से रोक नहीं पाएंगे और इससे बच्‍चों को भी चोट लग सकती है ।
  • हमेशा 12 साल से कम आयु के बच्‍चों को उनके लिए बनाई गई उचित नियंत्रित सीट पर बैठाएं ।


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