In Case Of An Accident


दुर्घटना (सड़क दुर्घटना) के पीडि़तो की मदद


सडक दुर्घ्‍टनाओ के कारण मरने वाले व्‍यक्तियों की सूची में भारत सबसे ऊपर है । भारत में प्रत्‍येक वर्ष लगभग पांच लाख सड़क दुर्घटनायें होती है, जिसमें 1;5 लाख लोगों की जान जाती है, जो कि विश्‍वभर में किसी भी देश की तुलना में सबसे अधिक है और सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होने वाले लोगों में से 4;5 लाख लोग 15 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के है । तदनुसार, वर्ष 2014 में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी ऑकड़ों के अनुसार लगभग 1,39,671लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाई है । इसका यह अर्थ है कि सड़क दुर्घ्‍टनाओं में प्रतिदिन 382 लोगों की म़ृत्‍यु होती है ।

हाल ही में आयोजित एक महत्‍वपूर्ण संर्वेक्षण से पता चला है कि दुर्घटना स्‍थल के आसपास खड़े लगभग 88 प्रतिशत लोग कानूनी पंचड़ों और पुलिस द्वारा परेशान किये जाने के डर से सड़क दुर्घटना के पीडि़त व्‍यक्ति की मदद नही करते है । संर्वेक्षण से पता चला है कि पुलिस द्वारा बार बार प्रश्‍न पूंछें जाने , न्‍यायालय से बार बार समन आने तथा यहां तक कि गैर इरादतन दुर्घटनात्‍मक म़ृत्‍यु के लिए मुकदमा चलाये जाने के डर से दुर्घटना स्‍थल के आसपास से गुजरने वाले लोग पीडि़त की मदद करने से बचते है । सडक दुर्घटना के पीडि़तों की मदद करना अब कानूनी तथा प्रक्रियात्‍मक परेशानियों से मुक्‍त हो गया है, क्‍योंकि उच्‍चतम न्‍यायालय ने केन्‍द्र को निर्देश दिया है कि वह एक अच्‍छे सहायक कानून को तैयार करने के लिए विधिक ढ़ॉचा तैयार करें ताकि दुर्घटना के पीडि़तों को समय पर आपातकालीन सहायता उपलब्‍ध कराकर सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्‍या को कम किया जा सके ।

न्‍यायालय द्वारा नियुक्‍त पैनल की सिफारिशों पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने गृह मंत्रालय व कानून मंत्रालय से परामर्श करके अच्‍छे लोगों की सुरक्षा के लिए निम्‍नलिखित दिशा निर्देश जारी किये है -

  1. किसी सड़क दुर्घटना के प्रत्‍यक्षदर्शी सहित कोई भी बाईस्‍टैंडर या भला आदमी किसी घायल व्‍यक्ति को निकमटतम अस्‍पताल में लेकर जा सकता है, तथा उस बाईस्‍टैडर या भले आदमी को तुरन्‍त जाने की अनुमति दे दी जाएंगी और उस बाईस्‍टैडर या भले आदमी से कोई प्रश्‍न नही पूछा जाएंगा , सिवाय सिर्फ प्रत्‍यक्षदर्शी के, जिसे पता बताने के बाद जाने दिया जाएगा ।
  2. सड़क दुर्घटना पीडितों की मदद के लिए आगे आने हेतु अन्‍य नागरिकों को प्रोत्‍साहित करने के लिए राज्‍य सरकारों द्वारा अपनायें तरीकों द्वारा बाईस्‍टैडर या भले आदमी को उचित ईनाम या मुआवजा दिया जायेगा ।
  3. बाईस्‍टैडर या भले आदमी किसी सिविल तथा अपराधिक दायित्‍व के लिए उत्‍तरदायी नही होगा
  4. कोई बाईस्‍टैडर या भले आदमी जो सड़क पर घायल पड़े व्‍यक्ति के लिए पुलिस को सू‍चना देता है अथवा आपातकालीन सेवाओं हेतु फोन कॉल करता है, उसे फोन पर अथवा व्‍यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना नाम और व्‍यकितगत विवरण देने के लिए बाध्‍य नही किया जाएगा ।
  5. भले आदमी का नाम और संपर्क विवरण जैसे व्‍यक्तिगत सूचना को बताया जाना स्‍वेच्छिक तथा वैकल्पिक बनाया जाएगा । ऐसा अस्‍पतालों द्वारा उपलब्‍ध कराएं गए मैडिकोलीगल केस (एमएलसी) फार्म में भी किया जाएगा ।
  6. उन सरकारी अधिकारियों के विरूद्ध संबंधित सरकार द्वारा अनुशासनिक या विभागीय कार्यचाही की जाएगी जो किसी बाईस्‍टैडर या भले आदमी को अपना नाम अथवा व्‍यक्तिगत विवरण देने के लिए बाध्‍य करेगें अथवा धमकायेंगे ।
  7. यदि कोई बाईस्‍टैडर या भले आदमी जिसने स्‍वैच्छिक रूप से उल्‍लेख किया है कि वह उस दुर्घटना का प्रत्‍यक्षदर्शी भी है तथा पुलिस द्वारा अथवा मुकदमें के दौरान जॉच पड़ताल के प्रयोजनों के लिए उसकी जॉच किया जाना अपेक्षित है तो उस बाईस्‍टैडर या भले आदमी से एक ही बार पूंछताछ की जाएगी तथा राज्‍य सरकार द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया विकसित की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी बाईस्‍टैडर या भले आदमी को उत्‍पीडि़त अथवा धमकाया ना जाए ।
  8. जॉच की विधियॉ, आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 284 के अन्‍तर्गत किसी आयोग द्वारा अथवा कथित संहिता की धारा 296 के अनुसार औपचारिक तौर से शपथपत्र के द्वारा हो सकती है तथा इस अधिसूचना के जारी होने की तिथि से 30 दिन की अवधि के भीतर मानक संचालन प्रक्रिया विकसित की जाएंगी ।
  9. भले आदमी को उत्‍पीडन से बचाने अथवा असुविधा से दूर रखने के लिए, बाईस्‍टैडर या भले आदमी एवं उपर्युक्‍त (1)दिशा निर्देश में संदर्भित व्‍यक्ति जो प्रत्‍यक्षदर्शी है, से पूंछताछ के दौरान विडियों कांफेंसिंग का विस्‍तृत रूप से उपयोग किया जाएगा । 10; स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय दिशा निर्देश जारी करेगा, जिसमें यह उल्‍लेख किया जाएगा कि कोई भी पंजीक़ृत सार्वजनिक और निजी अस्‍पताल बाईस्‍टैडर या भले आदमी को न रोके अथवा पंजीकरण और भर्ती लागतों के लिए भुगतान की मॉग न करें, जब तक कि भले आदमी घायल व्‍यक्ति के परिवार का सदस्‍य अथवा सगा संबंधी ना हो तथा पं0 परमानंद कटारा बनाम यूनियन आफ इण्डिया और अन्‍य (1989) 4 एससीसी 286 में माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के आदेश के अनुसरण में घायल व्‍यक्ति का तत्‍काल इलाज किया जाए ।
  10. सड़क दुर्घटनाओं से सम्‍बंधित किसी आपातकालीन परिस्थिति से जिस समय डाक्‍टर से चिकित्‍सीय देखभाल प्रदान किये जाने की आशा की जाती है,किसी डाक्‍टर द्वारा प्रतिक्रिया के अभाव को भारतीय चिकित्‍सा परिषद (व्‍यवसायिक आचार, शिष्‍टाचार और नैतिक) विनियम, 2002 के अध्‍याय 7 व्‍यवसायिक दुराचार के अन्‍तर्गत सम्मिलित किया जाएगा तथा उस डाक्‍टर के विरूद्ध कथित विनियमन के अध्‍याय 8 के तहत अनुशानात्‍मक कार्यवाही की जाएगी । 12; सभी अस्‍पताल इस आशय का अपने प्रवेश द्वार पर हिन्‍दी , अग्रेंजी और राज्‍य या केन्‍द्र शासित राज्‍य क्षेत्र की देशी भाषा में एक चार्टर प्रकाशित करेगें कि वे बाईस्‍टैडर या भले आदमी को नही रोकेगें अथवा किसी पीडि़त व्‍यक्ति के उपचार के लिए उनसे धन जमा कराने के लिए नही कहेंगे । 13; यदि कोई बाईस्‍टैडर या भले आदमी चाहें तो अस्‍पताल उसे घायल व्‍यक्ति को अस्‍पताल में लाने तथा समय और स्‍थान के सम्‍बन्‍ध में उस भले आदमी को एक पावती उपलब्‍ध कराएगा तथा ऐसी पावती को राज्‍य सरकार द्वारा एक मानक फार्मेट में तैयार किया जाएगा तथा उपयुक्‍त समझे जाने पर बाईस्‍टैडर या भले आदमी को प्रोत्‍साहन देने के लिए राज्‍य सरकार द्धारा सभी अस्‍पतालों में इसे वितरित किया जाएगा ।
  11. सभी सार्वजनिक और निजी अस्‍पतालों द्वारा इन दिशा निर्देशों का अनुपालन तत्‍काल रूप से किया जाएगा तथा इन दिशा निर्देशों का अनुपालन न किये जाने अथवा उल्‍लंघन किये जाने के मामले में संबंधित प्राधिकारियों द्वारा उचित कार्यवाही की जाएगी ।
  12. जब तक कि भीड़ द्धारा उपद्रव या उसके नियंत्रण से परे किसी और कारण से ऐसा करना व्‍यवहारिक न हो, वह घायल व्‍यक्ति को चिकित्‍सा सहायता उपलब्‍ध कराने के लिए हर युक्तिसंगत उपाय करेगा, उसे समीपवर्ती चिकित्‍सक या अस्‍पताल ले जाकर, और प्रत्‍येक पंजीकृत चिकित्‍सक या अस्‍पताल में कार्यरत चिकित्‍सक का यह दायित्‍व है कि वह औपचारिकताओं को पूरा किए जाने से पूर्व ही तत्‍काल घायल व्‍यक्ति को देखें और उसे चिकित्‍सा सहायता या उपचार उपलब्‍ध कराए, जब तक कि घायल व्‍यक्ति या अवयस्‍क की स्थिति में उसका अभिभावक अन्‍यथा चाहता हो ।


Traffic Alerts

बेचूबाबा चौराहा इकौना (shravasti)

बेचूबाबा चौराहा इकौना का यातायात सामान्य चल रहा है।


संजय पार्क इकौना (shravasti)

संजय पार्क इकौना का यातायात सामान्य चल रहा है।


अस्पताल चाैराहा भिनगा (shravasti)

अस्पताल चाैराहा भिनगा का यातायात सामान्य चल रहा है।


दहाना तिराहा भिनगा (shravasti)

दहाना तिराहा भिनगा का यातायात सामान्य चल रहा है।


तहसील तिराहा भिनगा (shravasti)

तहसील तिराहा भिनगा का यातायात सामान्य चल रहा है।